0 सीएमओ की गालियों में गूंजा जातिवाद
0 जांच समिति गठित
0 कब तक चुप रहेगा सिस्टम?
चित्रकूट। जिले के स्वास्थ्य विभाग का सबसे बड़ा चेहरा इन दिनों विवादों के बीच आ गया है। जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ भूपेश द्विवेदी का एक शर्मनाक ऑडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल गया है, जिसमें वह अपने अधीनस्थ चिकित्सक को न सिर्फ माँ-बहन की भद्दी गालियाँ देते सुने जा रहे हैं, बल्कि समाज विशेष पर जातिसूचक टिप्पणियाँ करते भी साफ-साफ सुनाई दे रहे हैं। यह ऑडियो एक पत्रकार द्वारा की गई सिफारिश के बाद की बातचीत का हिस्सा बताया जा रहा है, जिसमें डॉक्टर जितेंद्र सरोज के लिए की गई सिफारिश पर सीएमओ का पारा सातवें आसमान पर पहुंच जाता है।
हैरत की बात यह है कि वह अपनी व्यक्तिगत नफरत में पूरे समाज को अपशब्दों से जोड़ देते हैं और यहां तक कि जिला अस्पताल के अधिकारी को भी नहीं छोड़ते। यह सब ऐसे व्यक्ति की भाषा है, जो न केवल एक वरिष्ठ अधिकारी है बल्कि एक संवेदनशील विभाग-स्वास्थ्य सेवाओं- का मुखिया भी है। डॉक्टर जितेंद्र की पत्नी ने इस मामले की शिकायत आइजीआरएस पोर्टल पर की, जिसके बाद मंडल स्तर के स्वास्थ्य अधिकारियों ने संज्ञान लेते हुए तीन सदस्यीय जांच समिति गठित कर दी है। परंतु जब प्रमाण इतने स्पष्ट हैं, तब सवाल उठता है कि अब तक डॉ द्विवेदी के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई क्यों नहीं हुई? प्राइमाफेसी गालीबाज सीएमओ सस्पेंड क्यों नही हुआ?
वायरल ऑडियो के बाद बहुजन समाज में तीखा आक्रोश है। कई संगठनों ने सीएमओ को तत्काल बर्खास्त करने की मांग करते हुए कहा है कि ऐसे जातिवादी और अपमानजनक सोच रखने वाले व्यक्ति को शासन में एक दिन भी नहीं रहना चाहिए। उनकी मांग है कि न सिर्फ बर्खास्तगी हो, बल्कि एससी-एसटी एक्ट के तहत मुकदमा भी दर्ज किया जाए।
यह लोक चर्चा मे हैं सीएमओ के वसूली एजेंट पांडेय और शुक्ला
